केदारनाथ यात्रा की कुछ ऐसी बातें जो की आपके यात्रा को बनायेँगे आसनदायक

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kedarnath yatra

kedarnath yatra – पहाड़ में रहने वाले लोग तो अच्छी तरह से जानते होंगे की केदारनाथ मंदिर चारधामों में से एक हैं। यहाँ दूर-दूर से लाखों श्रद्धालु हर साल शिव के दर्शन के लिए आते है। केदारनाथ मंदिर भारत के उत्तराखंड राज्य के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है। केदारनाथ मंदिर बहुत ही प्यारा मंदिर है। जहाँ आपको हर तरफ हरियाली ही हरियाली और ऊँचे -ऊँचे पहाड़ देखने को मिलते है। उत्तराखंड के हिमालये पर्वत की गोद में स्थित केदारनाथ धाम के दरवाजे श्रद्धालुओ के लिए सिर्फ 6 महीनो के लिए खुलते है। सर्दियों में ज्यादा बर्फ के कारण आने का रास्ते बंद हो जाते है। लोगो के दिल में केदारनाथ जैसे पवित्र मंदिरो के लिए बहुत अटूट श्रद्धा और विशवास है। इस जगह आपको बहुत सुन्दर-सुन्दर दर्शया देखने को मिलेंगे जो आपको स्वर्ग जैसा लगेगा।

तो अब हम आपको kedarnath yatra करने के सबसे सस्ता तरीका बतायेंगे। जिनको जानकार आप भी बिना किसी परेशानी के आराम से केदारनाथ यात्रा कर सके और आपको पहले से यात्रा की पूरी जानकारी हो। तो आइये जानते है की आपको यहाँ क्या-क्या जानने को मिलने वाला है। वह भी पूरी जानकारी के साथ।

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सबसे पहली बात यहाँ पुरे देश भर से लोग आते है। तो जो सबसे पहली जगह है हरिद्वार, अगर आप देश भर में कही से भी आते हो तो आपको सबसे पहले हरिद्वार आना ही पड़ेगा। हरिद्वार ,रेलवे मार्ग और बस के मार्ग से जुड़ा हुआ है। हरिद्वार पहुँचने के बाद आप देखेंगे रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन दोनों ही रोड पर आमने सामने मिलेगे। वही से केदारनाथ की बस और टैक्सी भी चलती है।

kedarnath yatra में कैसे जाएं और कहां ठहरें

अगर आप बस से जायँगे। तो आप देखेंगे की सुबह जब बस चलती है। तो बस की सारी सीटे भरी रहती है इसलिए आपको हरिद्वार एक दिन पहले पहुँचना चाहिए। अगर आप दोपहर के तीन या चार बजे भी हरिद्वार पहुँच जाये। उसी दिन आप केदारनाथ के लिए बस में टिकट बुक कर ले। अब सवाल यह उठता है की बस का किराया कितना लगने वाला है।

अगर आप डायरेक्ट सोनप्रयाग के लिए काउंटर से टिकट लेते है तो उसका किराया आपको 360 देने पड़ेगा और अगर बस में सीट खाली रह जाए। तो आपसे 320 तक का टिकट बनाया जायेगा। मगर आपके लिए सबसे बेस्ट ऑप्शन यह है की आप बस के लिए एक दिन पहले ही टिकट बुक कर ले और अपनी सीट कन्फर्म कर ले।

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उसके बाद बस आपको सीधा लेकर जाएगी हरिद्वार से सोनप्रयाग तक यह ही आखरी लोकेशन है। जहाँ तक बस और टैक्सी जाती है। उसके बाद पांच किलोमीटर दूर गोरीकुंड है और वहाँ तक पहुँचने के लिए आपको वहाँ की लोकल टैक्सी का ही सहारा लेना पड़ेगा क्योकि उसके बाद कोई भी प्राइवेट वाहन या बस आपकी खुद की पर्सनल गाड़ी वहाँ पर नहीं जाने दी जाएगी। आपको सोनप्रयाग में ही अपनी खुद की गाड़ी पार्किंग में लगा देनी पड़ेगी।

सोनप्रयाग में पहुँचने के बाद

सोनप्रयाग में पहुँचने के बाद आपके पास दो ऑप्शन है या तो आप सोनप्रयाग में रुके या तो पाँच किलोमीटर दूर गौरीकुंड जा के वहाँ पर रुके और आराम करे। तो हम आपको यही सलाह देंगे की आप सोनप्रयाग में ही रुके। सोनप्रयाग में रुकने के बाद वहाँ आपको होटल की जरूरत होगी।

kedarnath yatra

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अगर आप होटल की बात करे तो मई या जून के महीने में आपको होटल मिल पाना बहुत मुश्किल हो जाता है। उनका किराया 4000, 5000 से भी कई ज्यादा बताया जाता है वह भी सिर्फ एक रात के लिए।

तो हम आपको इसका सबसे सस्ता तरीका बातयेंगे और सबसे सस्ता तरीका यह है की सोनप्रयाग में dormitory room (ठहरने का कमरा )मौजूद है। dormitory room (ठहरने का कमरा ) नया कुछ समय पहले ही बनाई गयी है। उसमे कुछ बड़े बड़े होल्स है। उनमे कुछ बेड तो नहीं लेकिन आपको एक गद्दा, एक रजाई और तकिया मिल जयेगा। जिसका चार्ज एक इन्सान का 250 रुपए रखा गया है। वह भी एक सही ऑप्शन है। अगर आपको रूम वगेरा मिल जाये। अगर नहीं मिलता तो आप 250 रुपए एक आदमी के हिसाब से रह सकते है। यह एक बहुत सस्ता और अच्छा इंतजाम है दूर-दूर से आये हुए लोगो के लिए जो कम बजट और सस्ते में घूमना पसंद करते है। यह डोर मेट्री आपको आराम से मिल जाएगा। इसमें आपको किसी तरह की परेशानी नहीं आएगी।

रात को रुकने के बाद आपको गौरीकुंड जाने के लिए लगभग सुबह तीन ,चार बजे उठना होगा ताकि आपको टैक्सी वगेरा समय पर मिल जाये। क्योकि आपको वहाँ सुबह के दो या तीन बजे से ही गौरीकुंड के लिए टैक्सी खड़ी मिलेगी। जिसके लिए भी लाइन लगी हुए होगी इसलिए आपको जल्दी उठ कर जाना पड़ेगा ताकि लाइन में खड़ा न रहना पड़े।

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गौरीकुंड से केदारनाथ 

गौरीकुंड के लिए taxi का किराया आपका per person के लिए 20 रुपए देने पड़ेंगे। उसके बाद वो आपको गोरीगुंड पहुँचा देंगे। गौरीकुंड पहुँचने के बाद आपकी kedarnath yatra शुरू होती है। वहाँ पर आपके पास तीन ऑप्शन होंगे।

  • पहला या तो आप पैदल जाये।
  • या फिर आप घोड़े से जाईये।
  • या फिर आप basket से जाईये।

तो यहाँ पर अगर आप सस्ती यात्रा करना पसंद करते है। तो आपके लिए बेस्ट है। आप पैदल ही यात्रा करे लेकिन अगर आप घोड़े से जाना चाहते है। तो उसकी बुकिंग आप गौरीकुंड या सोनप्रयाग से ही कर सकते है। जिसका किराया 2500 रुपए per person के लिए लगेंगे। यदि basket की बात करेंगे तो depend करेगा आप कैसे उससे मोल भाव कर सकते है।

पैदल जाते समय आपको 16 किलोमीटर तक का रास्ता मिलेगा और उस रास्ते में आपको बहुत सी सुन्दर-सुन्दर चीज़े आपको देखने के लिए मिलेगी जैसे झरने ,बड़े बड़े पहाड़, बर्फ, और भी बहुत सी चीज़े और यदि आप मई के महीने में जाते है। तो आपको काफी सारे ग्लेसियर(glacier) देखने के लिए मिलगे।

अगर आप पूरी प्रकर्ती और नेचर को enjoy करना चाहते है। तो हम सलाह देंगे की पैदल जाये तभी आप अच्छे photography, videography वहाँ पर कर सकते है। अगर आप हेलीकाप्टर या घोड़े से जाते तो इस चीज़ का मजा नहीं ले पायंगे और यह सुन्दर नजारा आप मिस कर देंगे।

आप अगर पैदल जाते है। तो अगर आप छह बजे से यात्रा करते है। श्याम के शायद पाँच या छह बजे तक आप पहुंच जायँगे। यदि आप बीच-बीच में रुक-रुक कर चलते हो तो आप 11 या 12 घंटे में अपनी यात्रा पूरी कर लेंगे।

केदारनाथ धाम में ठहरने की व्यवस्था

केदारनाथ पहुँचने पर सबसे पहले आपको रूम बुक करना होगा। अपने लिए क्योकि जितना आप देर करेंगे उतनी ही परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। आपको वहाँ भी आपके सामने बहुत सारे आप्शन होंगे या तो आप अपने लिए एक अच्छा रूम बुक कर लीजिये या तो GMVM के गेस्ट हाउस बुक कर लीजिये या फिर आप टेंट बुक कर लीजिये या डोर मेट्री बुक कर लीजिये। सबकी अलग-अलग कीमत होगी।

होटल की बात करे। तो होटल के लिए वहाँ पर रेट 3000, 4000 या उससे भी ज्यादा हो सकते है। अगर dormitory room की बात करे GMVM( गढ़वाल मंडल विकास निगम) चार्ज है। एक आदमी के 600 रुपए और एक टेंट का है 300 रुपए एक आदमी के लिए। जो भी आपको अच्छा लगे आप केदारनाथ पहुँचते ही बुक कर दीजिये। उसके बाद ही आप दर्शन करने के लिए जाईये।

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दर्शन का समय और आरती

श्याम के पाँच बजे के बाद आपको जो वहाँ दर्शन कराये जायँगे। वह सिर्फ बहार से कराये जायँगे। आपको केदारनाथ की जो शिवलिंग है। उस तक आपको नहीं पहुँचने दिया जायेगा। उसके लिए आपको वहाँ पर सुबह जल्दी पहुँचना होगा। सुबह मंदिर दर्शन के लिए 6.00 बजे से खुलता है। सुबह जैसे ही वहाँ कीर्तन शुरू जाते है। तो आप दुबारा जाईये और लाइन में लगे और केदारनाथ धाम के दर्शन कीजिये। यह सब सुबह ही हो पायेगा क्योकि श्याम के पाँच बजे के बाद वहाँ पर सही से दर्शन नहीं कराये जाते है। उस समय लोग इतने होते है की जिसके कारण वह दूर से दर्शन करवाते है। रात को दस बजे के बाद उनके कपाट बंद कर दिए जाते है। तो ऐसे में आपको दो बार दर्शन करने का मौका मिल सकता है।

आपको क्या-क्या चीज़े लेकर जानी चाहिए

अगर आप किसी भी महीने में जाते है। तो अपने साथ गरम कपडे ले कर जाने पड़ेंगे। उसके अलावा आपको एक रेनकोट अगर आपके पास है तो जरूर ले कर जाये और नहीं है तो खरीद लीजियेगा। वह बहुत जरुरी है। यदि अगर हो सके तो छाता भी रख सकते है क्योकि रास्ते में जब हम 16 किलोमीटर की kedarnath yatra कर रहे होते है। तो रास्ते में मौसम बहुत ख़राब होता रहता है। बारिश बीच बीच में रुक रुक कर होती रहती है। गरम कपडे, टोपी, सब कुछ ले जाईये।

kedarnath yatra

kedarnath yatra में कब जाना चाहिए

यह एक जरुरी प्रश्न होता है की हमें केदारनाथ यात्रा में कब जाना चाहिए। अगर आप मई या जून में जाते है। तो वहाँ आपको उस समय सब चीज़े बहुत महँगी मिलेगी। अगर आप जुलाई या अगस्त में जाते है। वहाँ पर आपको मौसम के साथ बहुत परेशानी होती है क्योकि उस समय वहाँ पर बहुत ज्यादा बारिश वाला मौसम होता है। तो सबसे अच्छा मौसम हे की आप सितम्बर या अक्टूबर में जाईये सर्दी थोड़ी रहेगी लेकिन उस समय भीड़ भी कम रहती है और आपको चीज़े बहुत सस्ती मिलेगी।

खाना

kedarnath yatra में खाना बहुत ज्यादा महँगा होता है। वहाँ पर 200 सो रुपए की लंच और डिनर की एक थाली दी जाती है और सुबह का नस्ता 100 रुपए per plate दी जाती है इसलिए आप खाने के लिए घर से ले जा सकते है क्योकि आपको वहाँ का खाना इतना पंसद नहीं आएगा। पानी की वहाँ आपको कोई परेशानी नहीं होगी क्योकि वहाँ हर जगह वाटर के बहुत सरे साधन है। वहाँ का पानी बहुत ज्यादा effective है और आपके पाचन क्रिया को भी काफी हद तक वह नार्मल कर देता है।

मेडिसिन

आप वह अपने साथ pain killer या gastic वगेरा जो भी परेशानी आपको नार्मल होती है। उसकी दवाई अपने साथ ले के जाये। वैसे तो वहाँ पर मेडिकल की शॉप तो है लेकिन आप फिर भी हो सके तो ले जा सकते है। अगर आपको साँस या बीपी की बीमारी है। तो पैदल यात्रा कभी न करे क्योकि आपको इससे बड़ी समस्या का समना करना पड़ सकता हैं।

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kedarnath yatra में कब जाना चाहिए ?

सबसे अच्छा मौसम हे की आप सितम्बर या अक्टूबर में जाईये सर्दी थोड़ी रहेगी लेकिन उस समय भीड़ भी कम रहती है और आपको चीज़े बहुत सस्ती मिलेगी।

केदारनाथ यात्रा में किस तरह के कपड़े ले जाना चाहिए ?

अगर आप किसी भी महीने में जाते है तो आपको अपने साथ गरम कपडे ले कर जाने पड़ेंगे।

केदारनाथ मंदिर सुबह कितने बजे खुलता है ?

सुबह मंदिर दर्शन के लिए 6.00 बजे से खुलता है।


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